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वाट्सऐप के दौर में सीडी? चूतिया हो तुम बड़ादारोगा जी !: झूठ-छत्‍तीसी

: पुलिस के इन मूर्खों को यह तक पता नहीं कि वाट्सऐप के दौर में सीडी रखना-देखना निरी मूर्खता : डेढ़ हजार सीडी की बरामदगी का क्या इस्‍तेमाल होगा, इस सवाल का जवाब क्‍या देगी ठस-बुद्धि पुलिस :

कुमार सौवीर

लखनऊ : जिस सीडी का मामला छत्तीसगढ़ के मंत्री के सेक्स रैकेट को लेकर गरमाया हुआ है उसके सारे फुटेज-वीडियोज लगभग पूरे देश के मोबाइल स्मार्टफोनों के पास मौजूद है। विनोद वर्मा खुद ही कह रहे हैं कि उस सेक्स रैकेट का वीडियो उनके पेन ड्राइव में मौजूद है। पूरा देश पिछले कई दिनों से उस सेक्स रैकेट के वीडियो देख रहा है लेकिन पुलिस को इस बारे में खबर अब मिली। शुक्रवार की सुबह बोर करीब भोर करीब ढाई 3:00 बजे पुलिस ने विनोद वर्मा के घर छापा मारा। तर्क यह कि सीडी कॉपियर की दूकान पर छापा मारने के बाद पुलिस को जब दूकानदार ने फोन नम्‍बर दिया, उसके बाद ही पता करते-करते पुलिस विनोद वर्मा के घर पहुंची।

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मामले का सफेद झूठ यहीं से शुरू हो गया है। सब जानते हैं कि दिल्ली की किसी भी बाजार के दुकानदार शाम 8:30 से 9:00 बजे तक अपनी दुकान बंद कर चले जाते हैं। तब छह घंटे तक पुलिस क्‍या करती रही। ऐसी हालत में किसी दुकान से हुई किसी तथाकथित सीडी की एक हजार से ज्यादा प्रतियों की बरामदगी के बाद 6 घंटे तक पुलिस का चुपचाप मुंह दबाये बैठे रहना गंभीर सवालों जवाब मांग रहा है।

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और सबसे गंभीर बात यह है कि जब गाजियाबाद के इंदिरापुरम के थाने पर पुलिस विनोद वर्मा को घसीटकर थाने पर लाई और उसकी खबर पाकर पत्रकार जब भी पुलिस स्टेशन पर पहुंच गए, तब यूपी की पुलिस भी छत्तीसगढ़ की राजनीतिक-पुलिस के पक्ष में साजिशें बुनने में मशहूर रही। पत्रकारों ने पूछा कि सीडी की बरामदगी का दावा पुलिस ने जिस दुकानदार और उसके बाद विनोद वर्मा के घर से बरामद किया है, वह कहां है।

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इन सवालों पर पुलिस ने कोई भी जवाब नहीं दिया। असली बात तो यह थी कि पुलिस के पास वह सीडी थी ही नहीं। दरअसल यह सीडी दोपहर बाद करीब 3 बजे के बाद ही पुलिस के पास पहुंच पाई। और उसके पहले तक पुलिस खुद ही उस सीडी को बनवाने में जुटी रही होगी। ( क्रमश: )

विनोद वर्मा के मामले में जिस तरह रमन सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से मिलकर जो शिकंजा कसा है वह बेशर्मी के सीमा से परे जा चुका है। भाजपा सरकार ने शुरुआत की कांग्रेस पर हमला करने से, और बहुत आसानी से वह निशाना कांग्रेस में मीडिया का अघोषित काम सम्‍भाल रहे विनोद वर्मा पर। इससे जुड़ी खबरों को देखने के लिए कृपया निम्न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

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