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देवरिया में सिंघम पुलिस की गुण्‍डागर्दी, लाठीचार्ज, 3 पत्रकार घायल

: मतगणना स्‍थल पर बर्बर लाठीचार्ज, पत्रकार का सिर फूटा : क्रूरता की सीमाएं तक तोड़ कर पुलिस ने की घिनौनी हरकत : मान्यता प्राप्त पत्रकार व सम्पादक दैनिक राष्ट्र की परम्परा के सम्‍पादक बुरी तरह घायल, आठ टांके लगे : डीएम और कप्‍तान अस्‍पताल पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के सवाल पर सांप सूंघ गया :

गौरव कुशवाहा

देवरिया : नगर निकाय चुनाव के मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर देवरिया पुलिस का शर्मनाक करतूत देखने को मिला। मतगणना स्थल पर प्रशासन के बदइंतजामी  को छुपाने में लगे सदर सीओ और कोतवाल ने पत्रकारों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण व्यवहार किया। पत्रकारों के विरोध के बाद सीओ और कोतवाल समेत वहा मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने सिंघम बनने में लग गए और पत्रकारों पर लाठियां भाजनी शुरू कर दी। सीओ संदीप सिंह और कोतवाल राय साहब यादव ने की बर्बरता। इस हादसे में जिले के वरिष्‍ठ पत्रकार चंदप्रकाश पांण्‍डेय बुरी तरह घायल हुए हैं,  उनके सिर पर आठ टांके लगाये गये हैं।

देवरिया में पत्रकारों पर बर्बर लाठीचार्ज कराने वाली पुलिस के वर्तमान पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर से जुड़ी खबरों को देखने के लिए निम्‍न लिंक पर क्लिक कीजिए:-

राकेश शंकर

बताते हैं कि मतगणना स्थल पर भगदड़ सा मच गया। यही नही जब पुलिसकर्मियों के लाठीचार्ज से मन नही भरा तो सीओ और कोतवाल समेत सभी पुलिसकर्मी मतगणना स्थल पर पत्रकारों के लिए बने मीडिया गैलरी की ओर दौड़ पड़े और उत्पतियो की तरह उत्पात मचाया। लाठियां भांजी, कुर्सियां फेंकी, कैमरे फेंके, और गालियां दी। जिसमे वरिष्ठ पत्रकार चंद्र प्रकाश पांडेय के सर में गंभीर चोट लग गई और कई घायल हो गए। आनन फानन में घायलों को सदर अस्पताल पहुँचाया गया।वहाँ मौजूद लोगों ने पुलिस के इस रवैये पर जमकर अपनी अपनी खीज निकाली।

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बड़ा दारोगा

पुलिस के इस बर्बरतापूर्ण मामले को लेकर लोगो को आपस मे बात करते सुना गया कि पुलिस अपराधियों के गोद मे बैठती है और बेकसूरों पर लाठियां भाजती है।इसी क्रम में मतगणना स्थल के समीप एक वरिष्ठ नागरिक पुलिस के इस दुर्व्यवहार को कोसते हुए बोल रहे थे कि पुलिस वालोई पास अपराधियों को पकड़ने की औकात नही और चले है पत्रकारों पर लाठियां भाजने।इसी तरह पुलिस का रवैया रहा तो वो दिन दूर नही की आक्रोशित भीड़ पुलिस वालों को उन्ही की तरह दौड़ा दौड़ा कर पीटे।

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पत्रकार पत्रकारिता

एक व्यक्ति ने इस कहा कि पुलिस वाले अपने बाप के नही होते इसीलिए गरीबो और बेसहारों के साथ इतना बदसलूकी भरा व्यवहार होता है।पत्रकार समाज का आईना है जिस पर किसी का प्रहार किसी भी शर्त पर मंजूर नही।ऐसी तमाम बातें पुलिस के लाठीचार्ज करने के बाद मतगणना स्थल के आस पास सुनने को मिली।

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देवारण्‍य

 

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