आज तुम्‍हें पीटा है, अगली बार मेरी सरकार आयी, तो मैं तेरे एसपी-आईजी तक को कूटूंगाा: धमकाया सपा नेता ने

: सोनभद्र में सपा नेता ने सरेआम कूट दिया एक यादव सिपाही को, एसपी अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकले : सपा सरकार में पुलिसवालों का तो दूर, यादवों का सम्‍मान भी दो-कौड़ी का : भाजपा नेता बोले, सपा सरकार ने तो पुलिस के गौरव को ही पैरों से रौंद डाला :

कुमार सौवीर

सोनभद्र : गुरू-पर्व पर निकल रहे धार्मिक जुलूस के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्‍तैद था। अचानक इस जुलूस का अनुशासन को तोड़ते हुए एक मोटरसायकिल पर सवार तीन लोगों ने सड़क पर बाइक तेज भगा दी। इस पर भगदड़ मच गयी। पुलिसवाले बौखला गये, बाइक सवालों को दबोचने के लिए पुलिसवाले लपके। मौके पर मुस्‍तैद यातायात सिपाही रामबचन ने बाइक पर पीछे बैठे एक व्‍यक्ति का हाथ पकड़ कर उसे पकड़ने की कोशिश की। इस पर बाइक तो मजबूरन रूक ही गयी, लेकिन उसके बाद हुए हादसे को देख कर लोग सन्‍न रह गये, जब बाइक सवार ने उक्‍त सिपाही का कॉलर पकड़ कर उसके गाल पर तमाचे रसीद कर दिये। गौरतलब है कि यह सपा का जिला अध्‍यक्ष घटना के समय शराब के नशे में धुत्‍त था।

यह हालत है सोनभद्र में कानून और व्‍यवस्‍था की। हैरत की बात है कि सिपाही को पीटने वाले इस व्‍यक्ति का नाम प्रमोद यादव है। प्रमोद सोनभद्र समाजवादी पार्टी का नगर अध्‍यक्ष बताया जाता है। सरेआम हुए इस हादसे पर हस्‍तक्षेप करने के लिए किसी भी अधिकारी ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। हालांकि इस घटना की सूचना सभी बड़े अफसरों तक हो गयी थी, लेकिन जब तक सीओ वगैरह अधिकारी मौके पर पहुंचे, वह सारे दबंग-अपराधी मौके से भाग निकले। इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के अशोक मिश्र आदि वरिष्‍ठ पदाधिकारियों ने सख्‍त दुख और आ्क्रोश व्‍यक्‍त किया है। उधर पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को सिरे से गलत और मनगढत ही करार दे दिया है। हैरत की बात यह है कि सरेआम हुए इस हादसे के तीन दिन बाद उक्‍त पुलिसकर्मी ने भी इस हादसे से इनकार कर दिया है। मेरी बिटिया डॉट कॉम संवाददाता से बातचीत में रामबचन यादव ने पिटाई की बात खारिज की, लेकिन यह कहा कि उक्‍त नेता शराब में धुत्‍त थे, और गालियां दे रहे थे।

उधर सोनभद्र के पुलिस कप्‍तान लल्‍लन सिंह इस हादसे को मनगढंत बताते हैं। उनका कहना है कि यह मीडिया ने रचा है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उनका कहना था कि केवल उस सपा नेता से उस सिपाही की तूतू-मैंमैं जरूर हुई थी। बस बात खत्‍म हो गयी थी। उनका कहना है कि इस मामले में किसी कार्रवाई की कोई जरूरत ही नहीं है।

एक स्‍थानीय पत्रकार ने मेरी बिटिया डॉट कॉम को खबर दी है कि टीआई के ड्राइवर जोगेन्द्र सिंह व टीआई सिपाही रामबचन को सरेआम गुरुद्वारा के पास सपा नेता प्रमोद यादव ने कॉलर पकङ कर पीट दिया है। इतना ही नहीं, प्रमोद यादव और उसके साथी बाइक सवारों ने भी रामबचन समेत सभी पुलिसवालों को जमकर गाली-गलौज किया। के पर पहुचे सीओ खीचण्डू राम व सदर कोतवाल विनोद यादव चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल जब तक वहाँ पहुंचे, फरार हो गये नेता जी। यह हादसा बीती कल शाम 9 बजे की बात है। गुरुद्वारे रैली के समापन के समय। एक अन्‍य पत्रकार ने लिखा है कि सपा भले ही बेहतर कानून व्यवस्था देने का दावा करती है मगर सपा के एक नेता ने न सिर्फ क़ानून की धज्जियाँ उड़ाई बल्कि कानून के रक्षक को उनके राज में उनकी औकात दिखा दी । जानकारी के मुताबिक राबर्ट्सगंज नगर के एक सपा नेता ने सोमवार गुरुनानक जयंती के दिन नगर में एक यातायात पुलिसकर्मी की सरेआम बाजार में बेइज्जती कर दी। आलम यह था कि पुलिस का जवान कुछ भी नहीं कर सका और नेता अपने अपशब्दों से खाकी की धुलाई करता हुआ सीना चौड़ा कर निकल गया। इतना ही नहीं, इस नेता ने यह भी चेतावनी दे डाली कि आज तो तुझे पीटा है, अगली बार सरकार में आने पर तेरे एसपी-आईजी को सरेआम कूटूंगा।

बताया जाता है कि पुलिस की बस इतनी सी गलती थी कि उसके मोटरसाइकिल से जा रहे सपा नेता को गुरुनानक जयंती की जुलूस की भीड़ को देखते हुए धीमे चलने की नसीहत दे डाली। फिर क्या, नगर में नेता का स्वाभिमान जाग उठा और पुलिस के जवान को अनाप-शनाप बोलने लगा। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर कोतवाल समेत सीओ भी पहुंचे मगर नेता मौके से फरार हो चूका था। इस संबंध में सीओ ने बताया कि नेता के नामों की जानकारी हो गयी है लेकिन कल मौके से फरार हो चुका था। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है।

इस पूरे घटना पर बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने कहा कि जब-जब सपा की सरकार आयी कानून व्यवस्था ध्वस्त हुई। हल्ला बोल का नारा दिया गया। कल की घटना बेहद निंदनीय व दुखद है। उन्होंने कहा कि सपा के नेता द्वारा पुलिस कर्मी के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया वह पूरी तरह मनबढ़ पूर्ण कार्य है। एक तरफ मुख्यमंत्री विकास की बात करते है और यहाँ लूट मची है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा नेता द्वारा किया गया कार्य गलत है इस पर तुरन्त पहले पार्टी के मुखिया को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करना चाहिए। वहीँ पुलिस के सभी अधिकारियों को जानकारी के बाद भी कार्यवाही न करना कहीं न कहीं इस बात को दर्शाता है कि पुलिस किस तरह दबाव में कार्य कर रही है। श्री मिश्रा ने कहा कि सच्चा समाजवाद लाने की बात सिर्फ मोदी के राज में हो सकता है, बाकी सब दिखावा कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक राबर्ट्सगंज नगर के एक सपा नेता प्रमोद यादव ने सोमवार गुरुनानक जयंती के दिन नगर में एक यातायात पुलिसकर्मी की सरेआम बाजार में बेइज्जती कर दी। आलम यह था कि पुलिस का जवान कुछ भी नहीं कर सका और नेता अपने अपशब्दों से खाकी की धुलाई करता हुआ सीना चौड़ा कर निकल गया। भाजपा के पूर्व जिला अध्‍यक्ष धर्मवीर तिवारी को हैरत इस बात की है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई भी एक्‍शन नहीं लिया। एक भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। जबकि यह हादसा पुलिस के चेहरे पर करारा तमाचा है, यह पुलिस के मोरल का प्रश्‍न है। लेकिन शर्मनाक बात  है कि समाजवादी पार्टी जब भी सत्‍ता में आती है, पुलिस के गर्व को पद-दलित कर देती है। ऐसे में पुलिसवालों का आक्रोश आम आदमी पर ही टूटता है।

बताया जाता है कि पुलिस की बस इतनी सी गलती थी कि उसके मोटरसाइकिल से जा रहे सपा नेता को गुरुनानक जयंती की जुलूस की भीड़ को देखते हुए धीमे चलने की नसीहत दे डाल। फिर क्या, नगर में नेता का स्वाभिमान जाग उठा और पुलिस के जवान को अनाप-शनाप बोलने लगा। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर कोतवाल समेत सीओ भी पहुंचे मगर नेता मौके से फरार हो चूका था। इस संबंध में सीओ ने बताया कि नेता के नामों की जानकारी हो गयी है लेकिन कल मौके से फरार हो चुका था। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है।

इस पूरे घटना पर बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने कहा कि जब-जब सपा की सरकार आयी कानून व्यवस्था ध्वस्त हुयी। हल्ला बोल का नारा दिया गया। कल की घटना बेहद निंदनीय व दुखद है। उन्होंने कहा कि सपा के नेता द्वारा पुलिस कर्मी के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया वह पूरी तरह मनबढ़ पूर्ण कार्य है। एक तरफ मुख्यमंत्री विकास की बात करते है और यहाँ लूट मची है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा नेता द्वारा किया गया कार्य गलत है इस पर तुरन्त पहले पार्टी के मुखिया को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करना चाहिए। वहीँ पुलिस के सभी अधिकारियों को जानकारी के बाद भी कार्यवाही न करना कहीं न कहीं इस बात को दर्शाता है कि पुलिस किस तरह दबाव में कार्य कर रही है। श्री मिश्रा ने कहा कि सच्चा समाजवाद लाने की बात सिर्फ मोदी के राज में हो सकता है, बाकी सब दिखावा कर रहे हैं।