प्रशासन चेत जाए तो बच सकते हैं हजारों कन्‍याभ्रूण

खबर का असर, कई अल्‍ट्रासाउंड सेंटरों के शटर गिरे: हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा प्रशासन: दिनभर छापे की आशंका से फरार रहे अल्ट्रासाउण्ड सेंटर संचालक: कन्या भ्रूण हत्या पर प्रशासन की नौटंकी शुरू: अब तक चुप्‍पी साधने के बाद डीएम बोले: अब बनायेंगे रणनीति: कार्रवाई नहीं दावों पर उतरा प्रशासन, दोषियों की जगह है जेल:डीएम: लाखों की मासिक अवैध उगाही बन रही है कार्रवाई में बाधक: कर्रवाई के नाम पर हाथ खडे कर लेते हैं जिला अधिकारी और सीएमओ: मानवाधिकार संगठनों ने की निंदा, कहा कन्या भ्रूण हत्या में लिए हो कार्यवाही:

यूपी के जौनपुर जिले में हो रहे अवैध नर्सिंग होम व झोलाछाप डाक्टरों द्वारा अल्ट्रासाउण्ड कर धड़ल्ले से कन्या भ्रूण हत्या पर प्रशासन की निगाह टेढी हो गयी है। स्‍थानीय अखबारों ने इस खबर का प्रमुखता से छापते हुये इस बात का खुलासा किया था 18 ऐसे अवैध नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउण्ड सेंटर है जहां धड़ल्ले से मानकों की अनदेखी कर भ्रूण-लिंग की जांच हो रही है और मोटी रकम लेकर गर्भ में पल रही बच्चियों की हत्या कर दी जा रही है। हैरत की बात है कि जौनपुर में जगजाहिर ऐसे सेंटरो की सूची अपने पास होने से इनकार करते हुए डीएम गौरव दयाल अब नौटंकी पर आमादा हैं। करीब 20 लाख से ज्‍यादा की मासिक वसूली करने वाले सीएमओ आफिस से इन सेंटरों पर कार्रवाई करने का दबाव डालने के बजाय अब डीएम ने राष्‍टीय सहारा से उन सेंटरों की सूची मांगकर ले ली है जिन पर इस जघन्य कार्य करने का आरोप लगा है। यहीं नहीं, डीएम गौरव दयाल का दावा है कि उन्‍होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुये अधिकारियों से विचार विमर्श कर रणनीति भी तैयार कर ली है और जल्द ही जांच में पाये गये दोषी लोगों के विरूद्ध गाज गिरने की तैयारी हो रही है। उनका कहना है कि इस खुलासे के बाद जिले में कई सेंटरों के शटर गिर गये है और गलत काम करने वाले झोलाछाप डाक्टर फरार हो गये है। दिलचस्‍प बात तो यह है कि डीएम अब खुद यह दावा कर रहे हैं कि ऐसे सेंटर मालिकों को पकड़ना आसान नहीं है इसलिये इनको पकड़ने के लिये जिला प्रशासन रणनीति के तहत छापेमारकर कार्यवाही करेगा ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

हिन्दुस्तान मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्ञानकुमार ने कहा कि ये एक चिंता का विषय है जहां जिला प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से झोलाछाप डाक्टर व नर्सिंग होम की आड़ में कुछ डाक्टर चंद पैसों के लिये मां के गर्भ में पल रहे बच्चों की निर्मम हत्या कर रहे है। ऐसे में इनके विरूद्ध प्रशासन को कड़ी कार्यवाही कर सजा दिलानी चाहिये। सचिव वकार हुसैन का कहना है कि इस मामले को लेकर मानवाधिकार संगठन काफी गंभीर है और महामहिम राज्यपाल व भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को पत्र लिखकर इस मामले की कड़ी कार्यवाही करने का अनुरोध किया जायेगा जिससे इस जघन्य अपराध को करने वालों को बक्शा न जा सके।

सदर तहसील संवाददाता के अनुसार राष्ट्रीय सहारा के खुलासे के बाद सदर तहसील के अंतर्गत आने वाली अधिकांश अल्ट्रासाउण्ड सेंटर सेंटर पर ताला लटका दिखायी दिया वहीं पैथोलॉजी सेंटरों पर भी लोग कम दिखाई दिये इस बारे में जब कुछ लोगों से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि आज डीएम कहीं छापामारकर कार्यवाही ना करे इसलिये सेंटरों पर काम बंद है। जिसके चलते मरीजों को दूसरें सेंटरों पर जाकर जांच करवानी पड़ रही थी। लेकिन जैसा कि पहले से ही आशंका थी, ना तो डीएम ने इस ओर से अपनी आंखें खोलीं और ना ही सीएमओ को जगाने की जरूरत समझी।

मड़ियाहूं संवाददाता के अनुसार राष्ट्रीय सहारा के इस खुलासे के बाद तहसील के अंतर्गत चलने वाले अधिकांश पैथालॉजी सेंटर व अवैध नर्सिंग होम में आज सन्नाटा पसरा रहा तो दूसरी ओर कईयों के शटर भी आज नहीं खुले लोगों में इस बात का खौफ था कि कहीं जिला प्रशासन की टीम छापेमारकर उन्हें रंगेहाथ न पकड़ सके। खेतासराय संवाददाता के अनुसार सुबह अखबार में खबर पढने के क्षेत्र में चर्चा बनी रही की आज स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की टीम किसी भी समय नर्सिंग होम व पैथोलॉजी सेंटरों में छापामार कर कार्यवाही करेगी ऐसे में लोग काफी डरे सहमे दिखाई पड़ रहे थे कुछ सेंटरों पर तो काम होता रहा पर अधिकांश सेंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा।

देखा जाय तो इस जघन्य कार्य में जुटे वे लोग है जिन लोगों ने डाक्टरी की डिग्री हासिल कर मानव की रक्षा करने की शपथ ली थी पर इन्हीं में से कुछ लोगों ने चंद पैसों के लिये अपनी डिग्री झोलाछाप डाक्टरों के यहां बेचकर ना सिर्फ अपने फर्ज के साथ ा कर रहे है। बल्कि ईश्वर के निगाह में भी बड़े मुजरिम बनते जा रहे है। जरूरत है ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की ताकि इस जघन्य कार्य को करने से पहले लोगों को सौ बार सोचना पड़ा। संशोधनों के साथ राष्‍टीय सहारा से साभार